पोषण आहार क्षेत्र में समाजसेवा के साथ रोजगार के मौके

रोजगार के साथ समाज सेवा करना चाहते है तो चुनें पोषण आहार क्षेत्र

अगर आप समाज की भलाई के साथ ही जीविका भी कमाना चाहते हैं तो पोषण आहार क्षेत्र में आयें। इस क्षेत्र में कई संभावनाएं हैं। पोषण आहार के क्षेत्र में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय विकास संगठनों जैसे कि यूनिसेफ, सेव द चिल्ड्रन, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम, विश्व खाद्य कार्यक्रम, एक्शन अंगेस्ट हंगर, बिल एंड मेलिंडा गेट्स फाउण्डेशन आदि में कई अवसर हैं।

अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं, जैसे यूनिसेफ तथा विश्व खाद्य कार्यक्रम, राष्ट्रीय तथा राज्य स्तर पर समाज कल्याण तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण जैसे सरकारी विभागों को सलाह प्रदान करती हैं। वे मुख्यत एकीकृत बाल विकास योजना और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधीन स्वास्थ्य और पोषण कार्यक्रमों में सहायता प्रदान करते हैं। अत वे सामुदायिक स्तर और सरकार को नीतिगत स्तर पर परामर्श देने का काम भी करते हैं। यूनिसेफ के कई आहारविज्ञानी अलग-अलग राज्यों में कार्यरत हैं।

उसके बड़ी संख्या में परामर्शदाता भी हैं। इसी प्रकार दूसरे अंतरराष्ट्रीय संगठनों के भी सैकड़ों जन-स्वास्थ्य पोषण तथा खाद्य सुरक्षा क्षेत्र में परामर्शदाता एवं विशेषज्ञ विकास संकेतकों में लाभ के लिए काफी कार्य कर रहे हैं। इस प्रकार कहा जा सकता है कि खाद्य तथा पोषण विज्ञान के क्षेत्र में कोर्स करने के बाद बेहतर करियर बनाने के कई रास्ते खुल जाते हैं।

आहार विज्ञान से जुड़े विषयों पर पुस्तकों, आलेखों, टेलीविजन कार्यक्रमों के निर्माण के लिए पोषण पृष्ठभूमि वाले विशेषज्ञों को चुना जाता है। अस्पताल, नर्सिंग होम, वजन प्रबंधन केंद्र, हैल्थ रिसॉटर्स, आरोग्य केंद्रों तथा फिटनेस सेंटरों में आहार विज्ञानियों की बड़े पैमाने पर नियुक्तियां की जाती हैं।

देश के साथ ही दुनिया भर में कर सकते हैं काम

इसमें देश-विदेश में रोजगार की बेहतरीन संभावनाएं हैं। अनुसंधान तथा विकास के अंतर्गत खाद्य तथा पोषण के क्षेत्र में व्यापक संभावनाएं हैं। खाद्य तथा पोषण विज्ञान का कोर्स करने के बाद स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, खाद्य तथा पोषण बोर्ड, भारतीय खेल प्राधिकरण आदि जैसे सरकारी क्षेत्रों में रोजगार पाया जा सकता है। स्वास्थ्य विभाग में खाद्य और पोषण पृष्ठभूमि के साथ पोषाहार सलाहकारों, कार्यक्रम निष्पादक, पोषाहार काउंसलर्स, खाद्य विज्ञानियों की भारी मांग है।

महिला तथा बाल विकास विभाग के अधीन भारतीय खाद्य एवं पोषण बोर्ड में खाद्य तथा पोषण पृष्ठभूमि वाले युवाओं की मांग है। उपलब्ध रिक्तियों की संख्या के अनुरूप संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) खाद्य एवं पोषण बोर्ड में विभिन्न पदों के लिए नियुक्तियां करता है। समाज कल्याण विभागों के अधीन बाल विकास कार्यक्रमों और एकीकृत बाल विकास परियोजनाओं में खाद्य तथा पोषण विज्ञान की पृष्ठभूमि वाले पर्यवेक्षकों की बहुत मांग होती है।

पिछले दिनों केंद्र सरकार ने राज्यों में समाज कल्याण विभाग के अधीन पोषाहार मिशन की शुरुआत की है, जहां खाद्य और पोषण विज्ञान पृष्ठभूमि वाले युवाओं को प्राथमिकता के साथ नियुक्तियां दी जा रही हैं। आहार विज्ञानियों/ पोषणविदों को खाद्य तथा पोषण कार्यक्रमों के सफल कार्यान्वयन के लिए राष्ट्रीय तथा राज्य दोनों स्तरों पर नियुक्त किया जा रहा है। यह कार्यक्रम देश भर में कार्यान्वित किया जा रहा है, इसलिए खाद्य और पोषण पृष्ठभूमि वाले युवाओं के लिए रोजगार की अच्छी संभावनाएं हैं।

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