गर्भनिरोधक की यह 6 सच्चाई को डॉक्टर भी नहीं बताते है आपको

गर्भनिरोधक दवाओं के क्या साइड-इफेक्ट हैं?

हर दम्पति बच्चे को लेकर फैमिली प्लानिंग करते है कि इसके लिए शारीरिक और मानसिक रूप से तैयार हैं। हालांकि, इसके लिए महिलाएं कई तरह के गर्भनिरोधक का सहारा लेती हैं, ताकि वह अनचाहे गर्भ से छुटकारा पा सकें। लेकिन, कभी-कभी महिलाएं जाने-अनजाने में कुछ ऐसी गलतियां कर बैठते हैं जिसका खामियाज़ा उनके शरीर को भुगतना पड़ता है। क्योंकि, आज भी भारत में लाखों महिलाएं ऐसी हैं, जिन्हें यह पता नहीं है कि उनके लिए कौन सा गर्भनिरोधक उपाय सही है।

क्या गलतियां करती हैं महिलाएं ?

  • पहली गलती- आमतौर पर, अनचाहे गर्भ से बचने और दूसरे बच्चों में अंतर रखने के लिए कई तरह के उपाय बाजार में मौजूद हैं, जिनमें, ओरल पिल्स से ले कर इंप्लांट्स तक शामिल हैं। लेकिन, महिलाएं जानकारी के अभाव में इन में से सही विकल्प का चुनाव सही तरीके से नहीं कर पाती हैं। क्योंकि, हर महिला का शरीर हर एक चीज़ के लिए नहीं बना होता है, अगर किसी महिला को बर्थ कंट्रोल पिल सूट कर रहा है तो जरूरी नहीं कि दूसरी महिला के लिए यह उचित हो।
  • दूसरी गलती- जिन लोगों की नई-नई शादी होती है, वह एन्जॉय करने के चक्कर में कंडोम या किसी भी तरह के दूसरे कौन्ट्रासैप्टिव का इस्तेमाल नहीं करते हैं और नतीज़ा प्रेगनेंसी के रूप में सामने आता है। ऐसे में, वह गर्भपात का सहारा लेते हैं, लेकिन वह यह भूल जाते हैं कि गर्भपात इस का हल नहीं है। क्योंकि बारबार गर्भपात से महिला के यूट्रस पर बुरा असर पड़ता है। जिससे कि उन्हें बाद में गर्भधारण करने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है।

क्या कहता है शोध ?

हाल ही हुए एक शोध में यह बात सामने आई हैं कि जो महिलाएं बहुत अधिक मात्रा में और बिना डॉक्टर की सलाह लिए हार्मोनल या गर्भनिरोधक गोलियों का इस्तेमाल करती हैं, उनमें इनफर्टिलिटी और अवसाद जैसे लक्षण देखने को मिल सकते हैं। क्योंकि, कुछ महिलाएं टीवी, फिल्मों में विज्ञापन देख कर इन दवाओं का उपयोग करना शुरू कर देती हैं, जिससे कि उनके स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है।

गर्भनिरोधक दवाओं के क्या साइड-इफेक्ट हैं?

हालांकि, कुछ गर्भनिरोधक दवाओं के साइड इफ़ेक्ट बहुत बुरे होते हैं, जिसकी जानकारी आपको डॉक्टर भी नहीं देते हैं, जिनमें निम्न शामिल हैं-

1. ब्लड का जमना: जो महिलाएं ओरल पिल लेती हैं, उनमें इस तरह की समस्या देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि, इसके साइड इफेक्‍ट में, रक्‍त के थक्‍के जमना एक गंभीर समस्‍या है। खासकर उन महिलाओं में इस तरह की समस्या ज्यादा देखें को मिलती हैं, जिनका वजन ज्यादा है, या फिर जिन्होंने हाल ही में समय से पहले बच्चे को जन्म दिया हो। हालांकि, जो महिलाएं इस से पीड़ित होती हैं उनमें सांस लेने में दिक्‍कत, सीने में दर्द या पैरों में सूजन जैसी समस्या देखने को मिल सकती है, जो फेफड़े या दिल में रक्‍त जमा होने का संकेत हो सकता है। ऐसे में, इस तरह के लक्षण नज़र आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

2. सेक्स में रूचि न लेना: आमतौर पर उन महिलाओं में इस तरह की समस्या बेहद आम होती है, जो बहुत लम्बे समय से गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन कर रही होती हैं। उनमें सेक्स को लेकर रूचि कम हो जाती है, ऐसा इसलिए क्योंकि ये दवाएं सीधे तौर पर आपके हार्मोन को प्रभावित करती हैं। इतना ही नहीं, यह दवाएं टेस्‍टोस्‍ट्रोन का प्रॉडक्‍शन रोक देती हैं, जिसका असर आपके सेक्स क्षमता पर पड़ता है।

3. योनि संक्रमण: बहुत कम महिलाओं को यह पता होता है कि गर्भनिरोधक दवाओं का सेवन करने से उनके योनि में इन्फेक्शन होने का खतरा रहता है। क्योंकि, कभी-कभी इसके सेवन से आपके योनि में घुजली, जलन, तथा यीस्‍ट इंफेक्‍शन होने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए इस तरह के लक्षण नज़र आते ही तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

4. शरीर में अतिरिक्त चर्बी का बनना: इसका सबसे बड़ा जो साइड इफ़ेक्ट देखने को मिलता है, वह है शरीर में अधिक मात्रा में चर्बी का बनना। ऐसा इसलिए क्योंकि, इन दवाओं के सेवन से बहुत अधिक मात्रा में एस्‍ट्रोजन नामक हार्मोन का निर्माण होता है जो आपके वजन को बढ़ाने में सहायक होता है।

5. अनियमित पीरियड्स का होना: जैसा कि हमने आपको ऊपर ही बताया है कि हर दवाएं हर महिला के शरीर के लिए उचित नहीं होती हैं। क्योंकि, कुछ महिलाओं में इसके सेवन से पीरियड्स की अनियमितता और इस दौरान अधिक ब्लीडिंग की समस्या देखने को मिल सकती है। यदि आपमें इस तरह की कोई समस्या हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

6. चक्कर और उल्टी की समस्या

इन दवाओं के सेवन से कुछ महिलाओं को चक्कर और उलटी की समस्या देखने को मिलती हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि, कई बर्थ कंट्रोल पिल एस्‍ट्रोजन के लेवल को घटा देता है, जिससे कि इस तरह की समस्या उत्पन्न होती हैं।

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