हंसमुख बच्चे जीवन में होते है ज्यादा सफल

जीवन में हम किसी भी तरह की स्थिति में रहें, हमें विश्वास करने में पीछे नहीं रहना चाहिए। विजेता हमेशा अपनी जीत के प्रति आशान्वित रहते हैं। इसका उल्टा भी सच है कि आशावान एवं मुस्कुराने वाले ही साधारणतया विजेता होते हैं। इसलिए हमेशा चेहरा हंसमुख रखें।

मुस्कुराहट पर छोटी-सी कविता याद करने योग्य है- एक मुस्कान कुछ नहीं लेती पर देती बहुत कुछ है। जो लोग उसे ग्रहण करते हैं वो काफी कुछ पाते हैं बिना देने वाले की कमी बताए। एक क्षण इसके बगैर रह सके और कोई भी इतना गरीब नहीं कि इससे अमीर न बन सके। मुस्कान घर में खुशी लाती है, व्यवसाय में साख को मजबूत करती और यह मित्रता की पहचान है।

यह बेचौन को चौन, निरुत्साहित को उत्साह, दुखी को खुशी और प्रकृति द्वारा प्रदत किसी भी मुश्किल की दवा है। फिर भी इसे खरीदा, मांगा चुराया तथा उधार नहीं लिया जा सकता। किसी के लिए यह तब तक बिना महत्व के होती है जब तक यह दिया न जाए। कुछ लोग इतने थके होते हैं कि वे एक मुस्कान भी नहीं दे सकते। ऐसे लोगों को आप अपनी एक मुस्कान दें क्योंकि जो लोग मुस्कान नहीं दे सकते उन्हें इसकी सबसे ज्यादा जरूरत होती है।

एक हावर्ड विश्वविद्यालय के सर्वेक्षण के अनुसार 25 वर्ष के आशावान लोग 45 और 60 की उम्र में भी स्वस्थ रहते हैं। आशावान लोग निराशावादियों की अपेक्षा अच्छा प्रदर्शन करते हैं। यह सर्वेक्षण यह भी बताता है कि निराशावादियों की तरह आशावादी जल्दी हार नहीं मानते हैं और फलत: उनकी सफलता की संभावना ज्यादा होती है। उनमें सहनशक्ति भी ज्यादा होती है। जिन लोगों ने महारत हासिल की उनसे सबक लीजिए।

महारत बड़ी कीमत चाहती है मगर फल कीमत चुकाने लायक है। उसका कोई ‘शार्ट-कट` नहीं होता है। शायद कुछ लोग गैर इरादतन आपको नुकसान पहुंचा सकते हैं। मगर प्रतियोगिता में तो लोग ऐसे होंगे जो जानबूझ कर आपके प्रयासों को विफल बनाने की कोशिश करेंगे। यह जीवन का एक पहलू है जिसे दूर नहीं किया जा सकता है।

परिस्थिति एवं परेशानियां चाहे जो भी हों आपका चरित्र, समर्पण एवं सोच आपकी सफलता के लिए काफी महत्वपूर्ण रहेंगे। एक सकारात्मक एवं आशावान मस्तिाक के प्रेरणात्मक एवं नए उपायों के साथ आते ही संभावना ज्यादा होती है अपेक्षाकृत वैसे दिमाग से जो सदैव बाधाओं एवं परेशानियों पर ध्यान केंद्रित रखते हैं और ये सोचते रहते हैं कि कोई निर्धारित लक्ष्य वे हासिल नहीं कर सकते हैं।

Loading...
loading...
Comments