बच्चों के कमरों में भरें कलरफुल रंग

मॉडर्न जमाने के इस दौर ने हमारी लाइफस्टाइल को पूरी तरह से बदल कर रख दिया है। हमारे रहने-सहने से लेकर खाने-पीने की आदतें तेजी से चेंज हो रही हैं। वहीं घर में भी वेस्टर्न और यूनिक डिजाइन देखने को खूब मिल रहे हैं।

पहले बच्चों के कमरों को ज्यादा अहमियत नहीं दी जाती थी लेकिन अब घर बनाते समय इन चीजों की ओर भी खास ध्यान दिया जाने लगा है। सोशल मीडिया के इस तेज रफ्तार जमाने में आपको एक से एक लेटेस्ट डिजाइन आसानी से मिल जाएगा। अगर आप भी अपने बच्चों के कमरे में खास रंग भरने की कोशिश कर रहे हैं तो इन चीजों को ध्यान में रखें क्योंकि यहीं वह जगह हैं जहां से उसके सपनों की उड़ान को नए पंख मिलते हैं। यहां से ही उसकी मौज-मस्ती और पर्सनैंलिटी भी विकसित होना शुरू होती है।

  •  कलरफुल दीवारें और डेकोरेशन

बच्चे के कमरों की दीवारों का रंग थोड़ा ब्राइट रखें। कोशिश करें कि दीवारों पर रंग बच्चें की पसंद के हिसाब से हो। बच्चे को खुश और उनमें भरपूर एनर्जी बनाए रखने के लिए विशेषज्ञ बच्चों के कमरे में आकर्षक रंगों के इस्तेमाल की सलाह देते हैं। लड़कियों के लिए गुलाबी और लड़कों के लिए नीला रंग के दायरे से बाहर निकलकर कमरे में अपने बच्चे की पसंद के अनुरूप न्यॉन कलर्स, पैरेट, गुलाबी, चॉकलेटी, लाल या नीला जैसे रंगों से सजाएं। दीवारों पर वॉशऐबल पेंट का इस्तेमाल करें क्योंकि बच्चे अक्सर दीवारों पर अपनी चित्रकारी का हुनर दिखाते हैं। ऐसे में उन्हें रोके नहीं दीवारों से हुनर की शुरुआत करने दें।

उन्हें नए-नए क्रेटीव काम करने दें क्योंकि अगर हम बार-बार उन्हें कुछ भी करने से रोकेंगे तो वह कभी भी आत्म निर्भर नहीं हो पाएंगे। आप चाहें तो दीवारों पर उनकी पसंद के कार्टून करैक्टर, कविताएं और अल्फाबेट वर्ड भी लगवा सकते हैं। इससे एक तो सजावट होगी दूसरा बच्चे की नोलेज भी बढ़ेगी। बच्चों को ज्यादातर कार्टून करेक्टरों में रूचि होती है इसलिए आप बार्बी, डोरेमॉन, छोटा भीम, टॉम एंड जैरी या अन्य फेवरेट कैरेक्टर के प्रिंट वाले कुशन्स, बेड कवर और कर्टन से कमरे को खूबसूरत और कलरफुल लुक दे सकते हैं। कमरे में आप उनके मन पसंद खिलौनों से भी सजा सकते हैं।

  •  रूम को बनाएं मल्टी फंक्शनल

कमरे में स्टोरेज की पूरी सुविधा होनी चाहिए क्योंकि बच्चा चाहे किसी भी उम्र का हो, उसके पास ढेर सारा सामान होता है। उसके पास किताबें, कपड़े, स्टेशनरी और खिलौनों का पिटारा होता है इसलिए बच्चे के कमरे के लिए फर्नीचर भी ऐसा चुनें, जिसे जरूरत के अनुसार, आसानी से बदला जा सके। बॉक्स बेड की जगह ऐसा बेड चुनें, जिसके साथ हेड बोर्ड शेल्फ और अंडर बेड ड्रॉअर जुड़े हों। इसके अलावा आप फोल्डेबल स्टोरेज बीन, दीवारों और दरवाजों पर हुक्स, खूबसूरत टोकरियों और शेल्फ का इस्तेमाल करके स्टोरेज स्पेस बनाई जा सकती है। बच्चों के कमरे को ज्यादा आर्टक्टिव बनाने के लिए उसे मल्टी फंक्शनल रूप दें।

उनके पढ़ने-लिखने, खेलने -कूदने और क्रिएटिव कामों की चीजों के लिए अलग अलग जोन बनाएं, जिसे वह आराम से मैनेज कर सकें। अगर बच्चा छोटा हैं तो आप फर्श पर नंबर्स और अल्फाबेट के डिजाइन वाली मेट का इस्तेमाल करें। बच्चों को प्जल गेम और ब्रेनी गेम की तरफ रूझाएं। इससे उनका माइंड शार्प बनेगा। बच्चे पलक झपकते ही बड़े होते दिखाई देते हैं। बच्चे के कमरे की सजावट इस प्रकार करें कि उसमें उम्र के साथ बदलती जरूरतों के अनुरूप आसानी से बदलाव किए जा सकें। छोटे बच्चों को आर्ट और क्राफ्ट के लिए प्ले टेबल की जरूरत होती है तो स्कूल जाने वाले बच्चों को स्टडी टेबल की। बच्चे के कमरे के लिए फर्नीचर भी ऐसा चुनें, जिसे आसानी से बदला जा सके और खर्च भी ज्यादा न आएं।

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